विद्यार्थियों में पर्यावरण चेतना जगाएगी राष्ट्रीय छात्र प्रतियोगिता: डीएम
गोरखपुर : विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि नई पीढ़ी प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेगी तो हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भारत का लक्ष्य स्वतः साकार होगा। यह बातें जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गुरुवार को राष्ट्रीय पर्यावरण छात्र प्रतियोगिता (एनएसपीसी)-2026 अभियान के पोस्टर का अनावरण करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। छात्र-छात्राएं इस अभियान के सबसे प्रभावी वाहक बन सकते हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से उनमें पर्यावरण के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी। उन्होंने विद्यालयों, शिक्षकों और अभिभावकों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि छोटी-छोटी पर्यावरणीय आदतें भविष्य को सुरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में संचालित राष्ट्रीय पर्यावरण छात्र प्रतियोगिता-2026 का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। अभियान के तहत विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत प्रमुख डा.वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और वे समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रांत शिक्षण संस्थान प्रमुख प्रो.सत्यपाल सिंह ने कहा कि विद्यालय स्तर पर ऐसे अभियान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति उनकी समझ को भी मजबूत करते हैं। वहीं, विश्व संवाद केंद्र के प्रभारी ओम नारायण ने अभियान को समाज की व्यापक भागीदारी से सफल बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर युवा शक्ति प्रमुख मयंक, अनुराग, सचिन, सूरज सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


